सब से पेहले चर्चा चलेsab se pehle charcha chale

सब से पेहले चर्चा चले
पेहले मनाये सभी पूजा इनकी फले,
सब से पेहले चर्चा चले

ब्रहामंड का सब से पेहले चक्र जो लगाएगा,
पूजन का पेहला अधिकार वही पायेगा
तीजा मोती बात न टले,
सब से पेहले चर्चा चले

कई देव रथ से सवार होके चल दिए
कई देव अपने वहान से निकालिए
इन्हें मुश्क सवारी खले,
सब से पेहले चर्चा चले

गणपति के मन में आई तभी बात है,
पिता बड़े रब से धरा से बड़ी मात है
श्रृष्टि सारे चरणों तले
सब से पेहले चर्चा चले

गोरा संग भोले नाथ को बिठाया
गनपत ने सात बार चकर लगाया है
पंकज पद न खले
सब से पेहले चर्चा चले

sab se pehale charcha chalee
pehale manaaye sab pooja yekee phale,
sab se pehale charcha chalee

braahaman ka sab se pehale chakr jo lagaega,
poojan ka pehala adhikaar vahee paayare
teeja motee baat na tale,
sab se pehale charcha chalee

kaee dev rath se savaar hoke ja rahe hain
kaee dev apane heen se doorie
unhen mukeedings khale,
sab se pehale charcha chalee

ganapati ke man mein aaee hee baat hai,
pita bade rab se dhara se badee maan hai
shrrngi samast charan tale
sab se pehale charcha chalee

gora ang bhole naath ko bithaaya
ganapat ne saat baar chakar lagaaya hai
pankaj pad na khale
sab se pehale charcha chalee

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